HINDUSTAN1ST SUBHASH BARAL

सुभाष बराल दुबई भागा

Rajasthan 1st

RAJASTHAN1ST : गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या की साजिश में शामिल आरोपी सुभाष बराल फर्जी पासपोर्ट से दुबई भाग चुका है। अगस्त 2021 में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद सुभाष बराल ने जयपुर में व्यापारी से एक करोड़ रुपए फिरौती मांगी थी। ये फिरौती राजू ठेहट के मर्डर की प्लानिंग के लिए ही मांगी जा रही थी। ताकि इन पैसों से दुबई जाकर आराम से मर्डर की प्लानिंग हो सके। फिरौती की रकम के लिए संपत नेहरा ने मंडोली जेल और लॉरेंस ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से जयपुर के व्यापारी को धमकाया था। सुभाष बराल ने कई और व्यापारियों को धमकाने के बाद मिले पैसों से एक नई स्कॉर्पियो खरीदी थी। पर केस में नाम आने से पहले ही वह दुबई भाग गया था।

फर्जी पासपोर्ट पर सुभाष पहुंचा दुबई

आनंदपाल और लॉरेंस गैंग का सिंडिकेट पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनता जा रहा है। रोहित गोदारा के बाद सुभाष बराल भी भारत छोड़ कर दुबई पहुंच गया है। सूत्रों का कहना है कि जेल से जमानत पर बाहर आने के कुछ दिनों के बाद ही सुभाष ने फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था। इसके बाद वह नेपाल के रास्ते दुबई चला गया था। सुभाष बराल इन दिनों आनंदपाल की बेटी चीनू के कांटेक्ट में है। दोनों दुबई की एक ही कॉलोनी में एक बंगले में रह रहे हैं। इसी बंगले में आनंदपाल का बिजनेस पार्टनर ईश्वर कुमावत भी बताया जा रहा है। ईश्वरलाल कुमावत का दुबई में कंस्ट्रक्शन का बड़ा बिजनेस है। वह पिछले कई सालों से दुबई में रहता है। आनंदपाल की बेटी भी दुबई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं पर सेटल हो गई। आनंदपाल ही ईश्वरलाल को काम के लिए फाइनेंस करता था। चीनू भी उसके साथ काम संभालने लग गई। अब चीनू वहां बतौर पार्टनर काम कर रही है।

राजू ठेहट की जमानत से पहले दुबई पहुंचा सुभाष बराल, वहां चीनू के साथ की प्लानिंग

राजू ठेहट की जमानत होने से पहले ही सुभाष बराल ने सारी प्लानिंग कर ली थी। फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागने के बाद वह आनंदपाल की बेटी चीनू से मिला। जैसे ही राजू ठेहट जमानत पर बाहर आया, उसे मारने की प्लानिंग शुरू कर दी। सबसे पहले राजू की मर्डर की प्लानिंग भी सुभाष बराल ने की थी। क्योंकि उसे पता लग गया था कि राजू के पार्टनर संजय चौधरी के पिता मूलचंद की मौत हो गई है। उसके बारहवें के दिन राजू ठेहट वहां पर जरूर आएगा। ये पूरी प्लानिंग खुद सुभाष बराल ने चीनू और बानूड़ा के बेटे के साथ मिलकर दुबई में ही की थी। इस मौके को सुभाष बराल हाथ से जाने नहीं देना चाहता था। इसलिए सबसे पहले मनीष उर्फ बच्चियां को कॉल कर मर्डर की प्लानिंग शेयर की। फिर रोहित गोदारा ने मनीष से सिग्नल ऐप के जरिए बातचीत कर हरियाणा से शूटर बुलाने के लिए कहा।

मर्डर की दूसरी प्लानिंग में भी सुभाष बराल का माइंड

दूसरी प्लानिंग भी सुभाष बराल ने ही की थी, जिसमें राजू ठेहट को गाड़ी का इनोग्रेशन कराने के बहाने बुलाने का प्लान बनाया गया था। ये प्लान सुभाष बराल ने शक्ति सिंह रानोली के साथ मिलकर बनाया था। गाड़ी खरीदने के लिए एक लाख रुपए के डाउन पेंमेंट करने की भी व्यवस्था की गई। राजू के नहीं आने पर ये प्लान भी फेल हो गया था। शक्ति और सुभाष बराल दोनों पुराने दोस्त हैं और शुरू से ही आनंदपाल गैंग से जुड़े हुए थे।(सूत्र इंटरनेट)

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